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<title>شرح این آتش جانسوز نگفتن تا کی ؟</title>
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<description>سخنی از آنچه که نمی توان نهفت !</description>
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<lastBuildDate>Thu, 26 Nov 2009 16:51:18 GMT</lastBuildDate>
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<title>مذهب و روانپزشکی</title>
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<description>&lt;P dir=rtl&gt;در مجادلات کلامی که میان مذهبی ها و مخالفانشان صورت می گیرد معمولا دیده می شود که طرفین از شواهد تاریخی برای نشان دادن میزان سودمندی اندیشه خودشان (یا به عبارت دقیق تر میزان زیانباری اندیشه مخالف !) استفاده می کنند . مثلا آتئه ایست (بی خدا) ها به جنگ های صلیبی , دادگاه های تفتیش عقاید و سوزاندن جادوگران و دانشمندان اشاره می کنند درحالیکه طرف مقابل با نمونه هایی قرن بیستمی ( که عمدتا به لطف برادران مارکسیست در اختیار آنها قرار داده شده است ) پای جنایات مائو تسه , استالین و هیتلر را وسط می کشند . مشکل آنجاست که به همان راحتی که یک آتئه ایست می تواند از &quot;مارکسیسیم &quot; و &quot;فاشیسم&quot; برائت بجوید , یک فرد مذهبی نمی تواند از ارباب کلیسا و پاپ های جلیل القدر که احتمالا هنوز تالیفاتشان چراغ راه زندگی اوست , دوری کند . بنابراین مدافعان مذهب به تدریج به سمت نشان دادن سودمندی اندیشه خود در طول تاریخ حرکت می کنند که ناگاه با بن بست اطلاعاتی رو به رو می شوند ! ... چه مثال هایی می توانند بیاورند !؟ ... از چه جنگ هایی به خاطر مذهب جلوگیری شده است !؟ ... چه تعداد انسان ها به خاطر باورهای ایمانی خویش دست به کشتار و غارت نگشوده اند !؟ ... به نظر می رسد تاریخ در این موارد مسکوت است ! ... مذهبی ها به حق گلایه می کنند که خبری مانند خودکشی دسته جمعی اعضای فرقه جیم  جونز در همه جا منتشر می شود ولی هیچ جا گفته نمی شود که چند نفر تا اکنون به خاطر ایمان مذهبی خویش خود کشی نکرده اند  ! ... اگر پدری دخترش را به جرم تمرد از قوانین مذهب به قتل برساند , خبر آن عالمگیر می گردد ولی کسی نمی داند که چند پدر بر اساس قوانین مذهب خویش با دخترانشان بهتر و مهربانانه تر رفتار می کنند ! ... به عقیده نگارنده این انتقاد درست است و &quot;سخت سنجش پذیری&quot; (اگر نگوییم سنجش ناپذیری)  سودمندی مذهب در ذهن و روان افراد , به یک نقطه ضعف ناعادلانه مدافعین مذهب تبدیل شده است ! ... چه باید کرد !؟ ... همان کاری که بنیاد های تحقیقاتی مذهبی و غیر مذهبی در جهان غرب حدود 50 سال است آغاز کرده اند ! ... بررسی نقش مذهب در سلامت روانی افراد ! ...  مثلا :&lt;BR&gt;&lt;BR&gt;برام (Braam) و همکاران در دو تحقیق در چند مرکز بزرگ اروپا به بررسی تأثیرات حمایتی مذهب در مقابله با افسردگی در سال‌های پایانی زندگی پرداختند. نخستین تحقیق، شامل 8398 آزمودنی در 5 کشور و دومین تحقیق شامل 17739 آزمودنی در 11 کشور می‌شد. در نخستین تحقیق میزان افسردگی در بین حاضرین همیشگی کلیسا و به طور چشمگیرتر در بین کاتولیک‌های رومی پایین‌تر پیدا شد. در دومین تحقیق این یافته به دست آمد که علایم افسردگی‌ در بین زنان سالخورده در کشورهایی که میزان بالای حضور در کلیسا در آن‌ها مشاهده می‌شد (به طورکلی کشورهای کاتولیک رومی) کمتر بود. سطوح بالاتر علایم افسردگی‌ در بین مردان سالخورده در کشورهای پروتستان پیدا شده بود... {در این تحقیق } مذهبی بودن به وسیله‌ی فقط دو سئوال پرسیده شد: حضور در کلیسا (منظم، گهگاهی، هرگز) و فرقه‌ی مذهبی. در این مطالعه در مورد معنویت یا مذهبی بودن درونی سئوالی پرسیده نشد.&lt;BR&gt;&lt;BR&gt;آیا این تحقیق نشان دهده رایطه انکار ناپذیر مذهب و دوری از افسردگی است !؟ آیا انتقادی به این تحقیق وارد می دانید !؟ ... &lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;و این داستان ادامه دارد ....&lt;/P&gt;</description>
<pubDate>Thu, 26 Nov 2009 16:51:18 GMT</pubDate>
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<title>تئوری بازی ها </title>
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<description>&lt;DIV&gt;
&lt;TABLE dir=rtl border=0&gt;
&lt;TBODY&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;فدراسيون آمادگي جسماني&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;فدراسيون اسكواش&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;فدراسيون اسكي&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;فدراسيون اسكيت&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;فدراسيون بدمينتون&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;فدراسيون بدنسازي و پرورش اندام&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;فدراسيون بسكتبال&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;فدراسيون بوكس&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;فدراسيون بولينگ و بيليارد&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;فدراسيون بيس بال &lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;فدراسيون پزشكي ورزشي&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;فدراسيون پهلواني و زورخانه اي&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;فدراسيون پينگ پنگ&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;فدراسيون تكواندو&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;فدراسيون تنيس&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;فدراسيون تيراندازي&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;فدراسيون تيروكمان&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;فدراسيون جانبازان و معلولين&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;فدراسيون جودو&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;فدراسيون چوگان&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;فدراسيون دوچرخه سواري&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;فدراسيون دو و ميداني&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;فدراسيون ژيمناستيك&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;فدراسيون سواركاري&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;فدراسيون شطرنج&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;فدراسيون شمشيربازي&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;فدراسيون شنا&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;فدراسيون فوتبال&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;فدراسيون قايقراني و اسكي روي آب&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;فدراسيون كاراته&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;فدراسيون كشتي&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;فدراسيون كونگ فو&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;فدراسيون كوهنوردي&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;فدراسيون گلف&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;فدراسيون اتومبيلراني و موتورسواري&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;فدراسيون نابينايان و كم بينايان&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;فدراسيون ناشنوايان&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;فدراسيون نجات غريق&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;فدراسيون واليبال&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;فدراسيون ورزش مدارس&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;فدراسيون ورزشهاي اسلامي زنان&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;فدراسيون ورزشهاي بيماران خاص&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;فدراسيون ورزشهاي دانشگاهي&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;فدراسيون ورزشهاي رزمي&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;فدراسيون ورزشهاي روستايي&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;فدراسيون ورزشهاي سه گانه&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;فدراسيون ورزشهاي كبدي&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;فدراسيون وزنه برداري&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;فدراسيون ووشو&lt;BR&gt;&lt;/P&gt;
&lt;DIV&gt;
&lt;TABLE dir=rtl border=0&gt;
&lt;TBODY&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;فدراسيون هاكي&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;فدراسيون همگاني&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;فدراسيون هندبال&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;&lt;/TBODY&gt;&lt;/TABLE&gt;&lt;/DIV&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;&lt;/TBODY&gt;&lt;/TABLE&gt;&lt;/DIV&gt;
&lt;DIV&gt;&lt;A href=&quot;http://www.sport.ir/index.aspx?siteid=1&amp;pageid=290&quot; target=_blank&gt;به نقل از سایت سازمان تربیت بدنی&lt;/A&gt;&lt;/DIV&gt;</description>
<pubDate>Tue, 03 Nov 2009 20:12:01 GMT</pubDate>
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<title>جهانی شدن و سرنوشت زبان ملی ما !</title>
<link>http://andishe-pooya.blogfa.com/post-83.aspx</link>
<description>محمدرضا سعیدآبادی دبیر کل کمیسیون ملی یونسکو :&lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&quot;بر اساس تحقیقات و آمار یونسکو تقریباً هفت‌هزار زبان در جهان وجود دارد و پیش‌بینی می‌شود که بیش از 50 درصد این زبان‌ها در اثر فرآیندهای جهانی‌شدن طی چند نسل آینده از بین بروند. &lt;/P&gt;
&lt;P&gt;96 درصد از هفت هزار زبان دنیا تنها توسط 4 درصد جمعیت جهان تکلم می‌شود و تنها چند صد زبان در نظام‌های آموزشی جای مناسب خود را دارند و کمتر از 100 زبان در رایانه‌ به کار برده می‌شوند. &lt;BR&gt;&lt;BR&gt;هر دو هفته، یک زبان از بین می‌رود. 80 درصد زبان‌های آفریقایی رسم‌الخط ندارند و برآورد می‌شود که تا پایان قرن بیست‌ویکم زبان‌های مسلط جایگزین 90 درصد زبان‌های جهان خواهند شد. &quot;&lt;BR&gt;&lt;BR&gt;آیا همان معامله ای که زبان فارسی با زبان های اقوام انجام داد ، در آینده ای هر چند دور با خودش انجام می شود !؟ ... آیا &quot;دهکده جهانی&quot; جند زبانی را بر می تابد !؟ و اگر بر بتابد آیا جایی برای زبان ما خواهد داشت !؟ ...با توجه به داده های بالا آیا اقدامات &quot;شورای گسترش زبان فارسی &quot; و &quot;فرهنگستان زبان و ادب فارسی &quot; کمی تا قسمتی احمقانه نیست !! ...  اقداماتی که برای حفظ زبان گیلکی ، کردی ، ترکی ، لری انجام می شود چطور !؟ ...  آیا به قول &quot;عبید رجب&quot; شاعر شیرین سخن تاجیک : این شیوه ای دری ما چون دود می رود !؟ نابود می شود !؟ ...  &lt;/P&gt;</description>
<pubDate>Wed, 14 Oct 2009 10:54:13 GMT</pubDate>
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<title>هنر برای هنر</title>
<link>http://andishe-pooya.blogfa.com/post-82.aspx</link>
<description>هنر برای هنر بود&lt;BR&gt;اگر کودک هم سایه سیر می خوابید&lt;BR&gt;و بمبِ هسته یی&lt;BR&gt;اعجازِ قرن نامیده نمی شد !&lt;BR&gt;&lt;BR&gt;مرا ببخشید که نمی توانم&lt;BR&gt;با پاهایی که ناخن هاشان را کشیده اند&lt;BR&gt;برایتان باله برقصم !&lt;BR&gt;&lt;BR&gt;من نقاشی انتزاعی را نمی فهمم !&lt;BR&gt;و میانه ندارم با نقاشانی که&lt;BR&gt;وقتی پشتِ سه پایه هاشان می ایستند&lt;BR&gt;بغضی در گلو ندارند ...&lt;BR&gt;&lt;BR&gt;من &quot;شعار&quot; می دهم اگر &quot;شعر&quot;&lt;BR&gt;&lt;EM&gt;بی تو مهتاب شبی باز از آن کوچه گذشتم&lt;/EM&gt; باشد&lt;BR&gt;یا &lt;EM&gt;حکایتِ خر و کنیزک&lt;/EM&gt; ...&lt;BR&gt;شعار می دهم و&lt;BR&gt;پیش می روم و&lt;BR&gt;نیش می زنم&lt;BR&gt;مانندِ ماری که به کرم بودن متهم شده&lt;BR&gt;بگذار شاعرانِ دیگر بر قلاب ها برقصند&lt;BR&gt;قبل از بلعیده شدن&lt;BR&gt;به دستِ ماهیانی که زیبایی را دوست می دارند&lt;BR&gt;و زیبایی به چشمشان&lt;BR&gt;رقصِ کرمی ست&lt;BR&gt;که قلاب را بر گلوگاهشان می دوزد&lt;BR&gt;&lt;BR&gt;نفت یک شبه ملی نشد !&lt;BR&gt;اما شاعرانی را می شناسم&lt;BR&gt;که به چشم بر هم زدنی&lt;BR&gt;ملی نامیده شدند !&lt;BR&gt;اگر چه جهانشان&lt;BR&gt;تنها در دایره ی منقلی خلاصه می شد ...&lt;BR&gt;&lt;BR&gt;من هم می توانستم حرف هایی به بزرگیِ نوبل بزنم !&lt;BR&gt;و آن قدر شاعر بودم که بتوانم&lt;BR&gt;در کافه های سیگار ممنوع بنشینم&lt;BR&gt;و با ترانه های سوزناک&lt;BR&gt;دل از دخترانِ نوجوان ببرم !&lt;BR&gt;اما خواستم وصله یی شوم بر پیراهنِ پاره ی تو&lt;BR&gt;- پسرک سرماخورده ی پشتِ چراغ قرمز -&lt;BR&gt;که دعاهای ضدِ آبت را حراج کرده یی&lt;BR&gt;خواستم النگویی پلاستیکی باشم&lt;BR&gt;بر دستانِ خواهرت&lt;BR&gt;یا دستمالی که عرق از پیشانیِ پدرت بگیرد&lt;BR&gt;وقتی از پیِ کار،&lt;BR&gt;سربالاییِ راهِ کارخانه را بالا می رود&lt;BR&gt;می خواستم هیزمی در بخاریِ چپرِ شما باشم&lt;BR&gt;تا رماتیسم&lt;BR&gt;از پای مادرت به قلبش نخزد&lt;BR&gt;این همه را خواستم و&lt;BR&gt;نتوانستم&lt;BR&gt;&lt;BR&gt;کاش جهان به قشنگیِ بالِ پروانه بود&lt;BR&gt;تا شعر از واژه های تاریک تهی می شد&lt;BR&gt;اما وقتی پدربزرگ در جوانی&lt;BR&gt;دندان هایش را&lt;BR&gt;به دندان سازی طماع می فروشد&lt;BR&gt;و گیس های مادربزرگ&lt;BR&gt;یک شبه سفید می شوند&lt;BR&gt;دیگر چه گونه می شود گفت:&lt;BR&gt;زنده گی رسمِ خوش آیندی ست&lt;BR&gt;&lt;BR&gt;من سنگی بودم&lt;BR&gt;که فکرِ شکستنِ هیچ شیشه یی را در سر نداشت&lt;BR&gt;و &lt;STRONG&gt;بطریِ کوکتل مولوتفی&lt;BR&gt;که آرزو می کرد&lt;BR&gt;شراب را بینِ دو عاشق قسمت کند&lt;BR&gt;&lt;/STRONG&gt;&lt;BR&gt;اُپرای کارمن زیبا بود&lt;BR&gt;اگر در هر ثانیه&lt;BR&gt;صد نفر در جهان از بی غذایی نمی مُردند&lt;BR&gt;و جنگل، جنگل درخت&lt;BR&gt;قنداقِ تفنگ نمی شد&lt;BR&gt;و هنر برای هنر نیست&lt;BR&gt;وقتی کودکان را&lt;BR&gt;در اینترنت حراج می کنند&lt;BR&gt;و سربازان&lt;BR&gt;شرط سرِ جنینِ زنِ حامله می بندند&lt;BR&gt;و شکم می درند&lt;BR&gt;&lt;BR&gt;چه گونه می شود به جاودانه گی اندیشید&lt;BR&gt;وقتی لوله ی تپانچه یی&lt;BR&gt;مدام بر شقیقه ات احساس می شود&lt;BR&gt;و ابداعاتِ شاعرانه چه اهمیتی دارند&lt;BR&gt;وقتی در خاک زمین&lt;BR&gt;یک مین به ازای هر انسان مدفون است&lt;BR&gt;&lt;BR&gt;&lt;STRONG&gt;من خو نمی کنم به نظامِ سیرکی که در آن&lt;BR&gt;تنها برای شیرهایی کف می زنند&lt;BR&gt;که به ضربِ شلاقِ رام کننده می رقصند&lt;BR&gt;غرشِ مرا اگر خوش ندارید&lt;BR&gt;به گلوله&lt;BR&gt;پاسخم دهید !&lt;/STRONG&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P align=left&gt;&lt;A href=&quot;http://weblog.yaghma-golrouee.com/?id=25&quot; target=_blank&gt;یغما گلرویی&lt;/A&gt;&lt;/P&gt;</description>
<pubDate>Mon, 05 Oct 2009 11:08:56 GMT</pubDate>
<comments>http://commenting.blogfa.com/?blogid=andishe-pooya&amp;postid=82</comments>
<dc:creator>andishe-pooya</dc:creator>
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</item>
<item>
<title>زنده باد شرق !</title>
<link>http://andishe-pooya.blogfa.com/post-81.aspx</link>
<description>&lt;BR&gt;&quot;در غرب بی عاطفگی بیداد می کند ! ... این را همه می دانند ! هم من هم شما ! ... بحران های عاطفی و انسانی اساسی ترین مشکل انسان غربی است ! ... ماشینیسم روح نوع دوستی و انسانیت را در جوامع صنعتی از بین برده است ! ... ما گرچه از لحاظ مادی به اندازه آنها پیشرفته نیستیم اما از لحاظ معنوی بسیار جلوتریم و غرب نیازمند تجربه های جوامع شرقی در این موارد است ...&quot; 
&lt;P&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt;                                                                               (به نقل از یک عمر زندگی در ایران ! )&lt;/P&gt;
&lt;P&gt;در راستای موارد فوق الذکر که از بدیهیات امور می باشد و به منظور اثبات آنها به بعضی معاندان کور دل و با توجه به اینکه یکی از مولفه های اساسی نوع دوستی ، فرهنگ &quot;اهداء عضو &quot; می باشد ، بدین وسیله آمار اهدا عضو &quot;پس از مرگ مغزی &quot; در بعضی کشور های شرقی و غربی به اطلاع عموم خوانندگان همیشه در صحنه می رسد . باشد که موجب آگاهی گمراهان و توبه ی کج اندیشان گردد !&lt;/P&gt;
&lt;DIV&gt;
&lt;TABLE dir=rtl style=&quot;WIDTH: 479px; HEIGHT: 422px&quot; cellSpacing=0 cellPadding=0 border=1&gt;
&lt;TBODY&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD vAlign=top width=308&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;&lt;FONT size=2&gt;&lt;STRONG&gt;نام کشور&lt;/STRONG&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;
&lt;TD vAlign=top width=308&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;&lt;FONT size=2&gt;&lt;STRONG&gt;تعداد اهداء عضو در هر یک میلیون نفر&lt;/STRONG&gt;&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD vAlign=top width=308&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;&lt;FONT size=2&gt;اتریش&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;
&lt;TD vAlign=top width=308&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;&lt;FONT size=2&gt;20&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD vAlign=top width=308&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;&lt;FONT size=2&gt;بلژیک&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;
&lt;TD vAlign=top width=308&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;&lt;FONT size=2&gt;25.5&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD vAlign=top width=308&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;&lt;FONT size=2&gt;کانادا&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;
&lt;TD vAlign=top width=308&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;&lt;FONT size=2&gt;14.8&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD vAlign=top width=308&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;&lt;FONT size=2&gt;امریکا&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;
&lt;TD vAlign=top width=308&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;&lt;FONT size=2&gt;26.6&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD vAlign=top width=308&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;&lt;FONT size=2&gt;آلمان&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;
&lt;TD vAlign=top width=308&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;&lt;FONT size=2&gt;14.6&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD vAlign=top width=308&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;&lt;FONT size=2&gt;فرانسه&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;
&lt;TD vAlign=top width=308&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;&lt;FONT size=2&gt;25.3&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD vAlign=top width=308&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;&lt;FONT size=2&gt;انگلستان&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;
&lt;TD vAlign=top width=308&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;&lt;FONT size=2&gt;14.7&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD vAlign=top width=308&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;&lt;FONT size=2&gt;ایتالیا&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;
&lt;TD vAlign=top width=308&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;&lt;FONT size=2&gt;21.1&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD vAlign=top width=308&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;&lt;FONT size=2&gt; &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;
&lt;TD vAlign=top width=308&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;&lt;FONT size=2&gt; &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD vAlign=top width=308&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;&lt;FONT size=2&gt;ژاپن&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;
&lt;TD vAlign=top width=308&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;&lt;FONT size=2&gt;0.8&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD vAlign=top width=308&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;&lt;FONT size=2&gt;مالزی&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;
&lt;TD vAlign=top width=308&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;&lt;FONT size=2&gt;0.9&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD vAlign=top width=308&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;&lt;FONT size=2&gt;کره جنوبی &lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;
&lt;TD vAlign=top width=308&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;&lt;FONT size=2&gt;2.97&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD vAlign=top width=308&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;&lt;FONT size=2&gt;رژیم غاصب صهیونیستی&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;
&lt;TD vAlign=top width=308&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;&lt;FONT size=2&gt;9.8&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD vAlign=top width=308&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;&lt;FONT size=2&gt;بحرین (2005)&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;
&lt;TD vAlign=top width=308&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;&lt;FONT size=2&gt;4&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD vAlign=top width=308&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;&lt;FONT size=2&gt;اردن (2006)&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;
&lt;TD vAlign=top width=308&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;&lt;FONT size=2&gt;0&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD vAlign=top width=308&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;&lt;FONT size=2&gt;کویت (2005)&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;
&lt;TD vAlign=top width=308&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;&lt;FONT size=2&gt;5.9&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD vAlign=top width=308&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;&lt;FONT size=2&gt;پاکستان (2006)&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;
&lt;TD vAlign=top width=308&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;&lt;FONT size=2&gt;0&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD vAlign=top width=308&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;&lt;FONT size=2&gt;ایران&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;
&lt;TD vAlign=top width=308&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;&lt;FONT size=2&gt;2.9&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD vAlign=top width=308&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;&lt;FONT size=2&gt;استرالیا&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;
&lt;TD vAlign=top width=308&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;&lt;FONT size=2&gt;12.1&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;
&lt;TR&gt;
&lt;TD vAlign=top width=308&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;&lt;FONT size=2&gt;نیوزلند&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;
&lt;TD vAlign=top width=308&gt;
&lt;P dir=rtl align=center&gt;&lt;FONT size=2&gt;7.3&lt;/FONT&gt;&lt;/P&gt;&lt;/TD&gt;&lt;/TR&gt;&lt;/TBODY&gt;&lt;/TABLE&gt;&lt;/DIV&gt;
&lt;DIV&gt; &lt;/DIV&gt;
&lt;DIV align=center&gt;&lt;A href=&quot;http://www.tpm.org/&quot; target=_blank&gt;منبع&lt;/A&gt;&lt;/DIV&gt;
&lt;DIV align=left&gt; &lt;/DIV&gt;
&lt;DIV align=right&gt;شایان ذکر است که : &quot;در جهان از هر &lt;STRONG&gt;صد تصادف يك نفر&lt;/STRONG&gt; كشته مي شود در حالي كه در ايران از هر &lt;STRONG&gt;ده تصادف يك نفر&lt;/STRONG&gt; كشته مي شود و از &lt;STRONG&gt;هر صد مرگ نيز يك مرگ مغزي&lt;/STRONG&gt; اتفاق مي افتد و با توجه به اين آمار ما در كشور شاهد بيشترين آمار مرگ مغزي نسبت به ساير كشورها هستيم اما ... &quot; (&lt;A href=&quot;http://www.farsnews.com/newstext.php?nn=8504210567&quot; target=_blank&gt;به نقل از مسوول واحد فراهم آوري اعضا پيوندي دانشگاه شهيد بهشتي &lt;/A&gt;) &lt;/DIV&gt;
&lt;DIV align=right&gt; &lt;/DIV&gt;
&lt;DIV align=right&gt;و همچنین :&lt;/DIV&gt;
&lt;DIV align=right&gt;
&lt;DIV class=body style=&quot;TEXT-ALIGN: justify&quot;&gt;&quot;چين براي نخستين بار گزارش‌هاي مربوط به پيوند اعضاي بدن زندانيان در نوبت اعدام به بيماران را با اين ادعا كه هدف از انجام اين كار، تلاش براي گسترش فرهنگ اهداي عضو در كشور است، تأييد كرد.&lt;BR&gt;به گزارش «جام جم»، روزنامه «چايناديلي» روز پنجشنبه در گزارشي اعلام كرد: &lt;STRONG&gt;دو سوم از اندام‌هاي پيوندي در چين از محكومان اعدام شده تأمين مي‌شود&lt;/STRONG&gt;.سازمان‌هاي مدافع حقوق بشر، بارها از شفاف نبودن روند انتقال اعضاي پيوندي در چين انتقاد كرده و نگراني خود را از استفاده از اعضاي اعدام شدگان اعلام كرده‌اند. &quot; (&lt;A href=&quot;http://tabnak.ir/fa/pages/?cid=61676&quot; target=_blank&gt;منبع&lt;/A&gt;)&lt;/DIV&gt;&lt;/DIV&gt;</description>
<pubDate>Fri, 25 Sep 2009 16:35:18 GMT</pubDate>
<comments>http://commenting.blogfa.com/?blogid=andishe-pooya&amp;postid=81</comments>
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<title>با گرگ ها می رقصد !</title>
<link>http://andishe-pooya.blogfa.com/post-80.aspx</link>
<description>باراک حسین اوباما ، رئیس جمهور ایالات متحده امریکا : 
&lt;P&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&quot;ما همچنین در فراسوی مرزهای آمریکا متعهد به حفظ مسؤلیت خود در ساختن دنیایی صلح آمیز تر و امن تر هستیم. به همین سبب است که به طور مسؤلانه ای در حال پایان دادن به جنگ در عراق هستیم. به همین دلیل است که دست به کار منزوی ساختن افراط گرایان خشونت طلب و در همان حال توانایی بخشیدن به مردم در نقاطی مانند افغانستان و پاکستانیم. به همین سبب است که ما نیرومندانه و فعالانه از راه حل ایجاد دو کشور که بر اساس آن حقوق اسراییلی ها و فلسطینی ها برای زیستن در صلح و امنیت به رسمیت شناخته می شود، پشتیبانی می کنیم. و به همین سبب است که &lt;STRONG&gt;آمریکا همواره به خاطر حقوق جهانی همۀ مردم برای بیان فکر خود و به جا آوردن فرائض دینی خود و مشارکت کامل در جامعه و داشتن اعتماد به حکومت قانون، به پا خواهد ایستاد&quot;&lt;/STRONG&gt;.&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;IMG alt=&quot;رئیس جمهور 4 ساله امریکا و دیکتاتور 40 ساله لیبی&quot; hspace=0 src=&quot;http://media.washingtonpost.com/wp-dyn/content/photo/2009/07/09/PH2009070902424.jpg&quot; border=0&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&quot;همانگونه که در قاهره گفتم، این آغاز نو باید با کوشش پیگیر برای گوش فرادادن به یکدیگر، آموختن از یکدیگر، احترام گذاشتن به یکدیگر و جستجوی زمینۀ مشترک همراه باشد. در باور من، یک بخش مهم از این کوشش گوش دادن است &quot;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;IMG alt=&quot;اوباما و هوگو چاوز&quot; hspace=0 src=&quot;http://christophermattix.files.wordpress.com/2009/06/chavez-and-obama.jpg&quot; border=0&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&quot;هدف همۀ این کوشش ها پیشبرد آرمانهای مشترک ما- برای زیستن در صلح و امنیت، کسب آموزش و کار توام با منزلت، عشق ورزیدن به خانواده؛ جامعه و ایمان مذهبی مان است. این کار به زمان و کوشش بردبارانه نیازمند است. ما نمی توانیم یک شبه تغییر ایجاد کنیم، ولی می توانیم در حالی که در مسیری تازه- به سوی مقصدی که برای خود و برای فرزندانمان جستجو می کنیم- گام می نهیم، صادقانه به انجام آنچه باید انجام گیرد مصمم شویم. این سفری است که ما باید به اتفاق یکدیگر در آن پای بگذاریم.&quot;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;IMG style=&quot;WIDTH: 455px; HEIGHT: 204px&quot; height=204 alt=&quot;اوباما و حسنی مبارک (رئیس جمهور مصر از 1981 !)&quot; hspace=0 src=&quot;http://cache.boston.com/resize/bonzai-fba/Globe_Photo/2009/08/18/1250647894_8503/539w.jpg&quot; width=434 align=baseline border=0&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&quot;می دانم که درباره ترویج دموکراسی بحثهای بوده است. هیچ سیستم دولتی نمی تواند از سوی کشوری به دیگری تحمیل شود ... به زنانی که راه خود را بر اساس قوانین و شیوه های سنتی انتخاب کنند احترام می گذارم&quot;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;
&lt;P&gt; &lt;IMG height=345 alt=&apos;بنده مملوک &quot;برکت حسین&quot; در حال تعظیم به ملک عبدالله&apos; hspace=0 src=&quot;http://wellsy.files.wordpress.com/2009/04/obamabow420-420x0.jpg&quot; width=448 align=baseline border=0&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt;به چه می اندیشی !؟ ... به چه نگاه می کنی !؟ ... بی خیال ... کسی به فکر مریم های پرپر ، کسی به فکر کوچ کفترا نیست ... به فکر عاشقای دربدر باش ... که غیر از ما ... کسی به فکر ما نیست ! ...&lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;IMG height=228 alt=&quot;یک دانش آموز ونزوئلایی در تظاهرات علیه چاوز&quot; hspace=0 src=&quot;http://3.bp.blogspot.com/_MfG3SuuAhOQ/Sa0h2AC_jII/AAAAAAAAAwM/JQYwvzw4M5U/s400/ChavezStudentProtestCNN.jpg&quot; width=461 align=baseline border=0&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt;&lt;/P&gt;</description>
<pubDate>Tue, 08 Sep 2009 15:21:18 GMT</pubDate>
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</item>
<item>
<title>به اعتدال ازین پرده مان رهایی نیست !</title>
<link>http://andishe-pooya.blogfa.com/post-79.aspx</link>
<description>&lt;IMG alt=&quot;&quot; hspace=0 src=&quot;http://www.ayandenews.com/files/fa/news/1388/6/12/17309_724.jpg&quot; align=baseline border=0&gt; 
&lt;P&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt;نقاب دارد و دل را به جلوه آب کند                  نعوذبالله اگر جلوه بی نقاب کند &lt;BR&gt;فقیه شهر به رفع حجاب مایل نیست             چرا که هر چه کند حیله در حجاب کند &lt;BR&gt;چو نیست ظاهر قرآن به وفق خواهش او         رود به باطن و تفسیر ناصواب کند &lt;BR&gt;از و دلیل نباید سؤال کرد که گرگ                   به هر دلیل که شد بره را مجاب کند &lt;BR&gt;کس این معما پرسید و من ندانستم              هر آنکه حل کند آن را به من ثواب کند &lt;BR&gt;به غیر از ملت ایران کدام جانور است              که جفت خود را نادیده انتخاب کند ؟&lt;BR&gt;کجاست همت یک هیأتی زپردگیان                که مرد وار ز رخ پرده را جواب کند &lt;BR&gt;نقاب بر رخ زن سد باب معرفت است              کجاست دست حقیقت که فتح باب کند ؟&lt;BR&gt;بلی نقاب بود کاین گروه مفتی را                   به نصف مردم ما مالک الرقاب کند&lt;BR&gt;به زهد گربه شبیهست زهد حضرت شیخ        نه بلکه گر به تشبه به آن جناب کند &lt;BR&gt;اگر ز آب کمی دست گربه تر گردد                 بسی تکاند و بر خشکیش شتاب کند &lt;BR&gt;به احتیاط ز خود دست تر بگیرد دور                چو شیخ شهر ز آلایش اجتناب کند &lt;BR&gt;کسی که غافل ازین جنس بود پندارد             که آب پنجه ی هر گربه را عذاب کند &lt;BR&gt;ولی چو چشم حریصش فتد به ماهی حوض    ز سینه تا دم خود را درون آب کند !!&lt;BR&gt;ز من مترس که خانم ترا خطاب کنم               ازو بترس که همشیره ات خطاب کند !&lt;BR&gt;به حیرتم ز که اسرار هیپنوتیسم آموخت          بگو بتازد و آن خانه را خراب کند &lt;BR&gt;زنان مکه همه بی نقاب می گردند                اگر چه طالب آن جهد بی حساب کند &lt;BR&gt;به دست کس نرسد قرص ماه در دل آب         بهل که شیخ دغا عوعو کلاب کند !&lt;BR&gt;به اعتدال ازین پرده مان رهایی نیست           مگر مساعدتی دست انقلاب کند &lt;BR&gt;ز هم بدرد این ابرهای تیره ی شب                وثاق و کوچه پر از ماه و آفتاب &lt;/P&gt;</description>
<pubDate>Sat, 05 Sep 2009 12:03:18 GMT</pubDate>
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<item>
<title>زنده باد فاطمه رجبی !</title>
<link>http://andishe-pooya.blogfa.com/post-78.aspx</link>
<description>آخرین مطلب خانم رجبی با عنوان &quot;وزارت زنان، ضرورت یا...؟&quot; درباره انتخاب سه وزیر زن از سوی احمدی نژاد :&lt;/P&gt;
&lt;P&gt;1. در آموزه‌هاي قرآن كريم، اعم از قصص يا اوامر الهي، هيچ نشاني از «زنان بر سر قدرت» نمي‌توان يافت. بگذريم كه زهره كاظمي يا زهرا رهنورد از ماجراي «بلقيس» براي رياست‌جمهوري تفسير به رأي نمود و براساس مذهب فمينيستي آن را واژگونه جلوه نمود. طبيعي است كه اين قرآن‌پژوهي، وي را در چشم شوهر ديكتاتورش بزرگ‌ترين زن روشنفكر ايران بنمايد!&lt;BR&gt;&lt;BR&gt;2. پيشتر نوشتم در سنت معصوم عليه‌السلام، ردپايي از حضور زنان در مديريت‌ها ديده نمي‌شود. تأسف‌بار است كه در يك واژگونه‌بيني يا تحريف، حضور زهراي مرضيه سلام الله عليها در عرصه تدوين مرامنامه نظام سياسي اسلام بر وحي را، دليلي بر مديريت زن ديد و بر طبل فمينيسم كوبيد.&lt;BR&gt;&lt;BR&gt;3. امام باقر عليه السلام فرمود: خداوند در زمان قائم چنان علمي به مردم مي‌دهد كه زن در خانه‌ اش با قرآن و روايت فرمان مي‌دهد (غيبت نعماني ص 126) و نيز زنان بزرگوار اهل‌بيت در حوزه دانش و معرفت جايگاه‌هاي بالايي داشته‌اند. نتيجه آنكه دولت مهدوي هموارساز رشد و تعالي علمي و فكري زنان است، و زن شيعي را در بالندگي انديشه‌اي ارتقاي‌ شخصيتي مي‌دهد.&lt;BR&gt;&lt;BR&gt;4. تأكيد مي‌كنم در سنت معصوم عليه‌السلام، زناني چون زهراي مرضيه، زينب كبري، فاطمه معصومه،‌ حكيمه و حميده و... بسيار بوده‌اند، اما هيچ زن والي، سفير يا كارگزاري در حكومت هاي پيامبر اكرم صلي‌الله عليه و آله و اميرمؤمنان عليه‌السلام يافت نمي‌شود&lt;STRONG&gt;.&lt;BR&gt;&lt;/STRONG&gt;&lt;BR&gt;5. از مروج گفتمان مهدوي، انتظار نيست مسيري جدا از آموزه‌هاي قرآن كريم، سنت معصوم‌ عليه‌السلام و دولت مهدوي پيش گيرد، و در عين حال بر آماده‌سازي جامعه براي ظهور تأكيد نمايد.&lt;BR&gt;&lt;BR&gt;6. هاشمي رفسنجاني بدعت‌گزار بسياري از انحرافات و كژراهه‌هاست. مركز مشاركت زنان بدعت اوست كه مركزي سياسي گرديد براي رشد و نشر فمينيسم! فائزه و فاطمه‌اش هم ثمره ديدگاه اوست كه سردستگي اشرار كودتاي لجني را در خيابان‌ها داشتند، البته در كنار مهدي و ياسر او!&lt;BR&gt;&lt;BR&gt;7. خاتمي علاوه بر شاهكار هاشمي، معاون زن هم برگزيد تا ثمره آن را طبق اسناد منتشره در مطبوعات در شبه‌كودتاي 18 تير 78 شاهد باشد، و نيز شركت با همان معاون در جلسه ...&lt;BR&gt;&lt;BR&gt;8. نخستين‌بار حزب جمهوري اسلامي يك زن را به مجلس خبرگان قانون اساسي فرستاد با يك ژست روشنفكرانه!؟ كه يعني اين زن هم طراز ده‌ها مجتهد اصيل و برجسته مانند حضرات آيات عظام مرحومين؛ حاج شيخ مرتضي حائري، حاج ميرزا علي فلسفي، حاج ميرزا جواد تهراني، سلطاني طباطبايي و نيز آيات خزعلي، مكارم و سبحاني و... است. آن خط سياسي بي‌ثمر براساس اسناد، در استمرار فائزه هاشمي را در مجلس پنجم و زنان مشاركتي را در مجلس ششم نشانيد.&lt;BR&gt;&lt;BR&gt;9. در يوم‌الله مصلاي تهران و سپس در درياي انقلاب تا آ‍زادي، صدها هزار تن احمدي‌نژاد را با شور و شعور خطاب قرار دادند: احمد بت‌شكن- بت بزرگ را بشكن! اين فرياد واحد و آگاهانه، ضرورت مبارزه و شكسن فساد و فاسداني بود كه كمر به نابودي اسلام و انقلاب اسلامي بسته‌اند و «بت بزرگ» همان فرد شناخته‌شده‌اي است كه با نامه و سكوت و خطبه جمعه و دسيسه، راهبري كودتاي بجني را به دوش مي‌كشد. هيچ فريادي براي وزارت زن شنيده نشد و وعده‌اي از سوي احمدي‌نژاد در اين زمينه ملاحظه نگرديد.&lt;BR&gt;&lt;BR&gt;10. باز هم مي‌گويم داشتن چند وزير زن، يا تشكيل كابينه‌اي مملو از زنان، هيچ مشكلي را از زنان جامعه حل نمي‌كند. تنها «پست گرفتن تعدادي زن است و ديگر هيچ» علاوه بر تبعات آن!؟ به همين جهت در ميان ميليون‌ها زن خودباور،‌ اشتياق ناچيزي تنها از سوي فمينيست‌ها به استقبال وزير زن مي‌رود.&lt;BR&gt;&lt;BR&gt;11. احمدي‌نژاد در حركتي سازنده چهار سال پيش نام «مركز مشاركت زنان» را به «مركز امور خانواده» تغيير داد و مباني تصميمات و برنامه‌سازي‌هاي دولت را براساس محوريت خانواده اعلام كرد. حال، زنان وزيري كه بخواهند از پشت ميز بلند شده و مانند وزيران خدمتگزار و مسؤوليت‌پذير دولت نهم (با نمونه‌اي چون باقري لنكراني) شهرها و روستاها، جاده‌ها و بيمارستان‌ها، خانه‌ها و خيابان‌ها و حتي انبار داروهاي قاچاق را شبانه‌روز سركشي كنند، چه نسبتي با خانه و خانواده، همسري و مادري و روح لطيف زنانه خواهند داشت؟&lt;BR&gt;&lt;BR&gt;12. مشكلات سياسي، اقتصادي و فرهنگي بسيار است و در رأس آنها مبارزه با مافياي قدرت و ثروت! مثلث هاشمي، موسوي و خاتمي در پي دراز كردن رشته كودتاي لجني شكست‌خورده خود و بيكاري و فقر و فساد و تبعيض (ميراث شوم دولت‌هاي 16 ساله) نيازمند حل و رفع. هرچند دولت نهم بسيار به آن پرداخت و در آن توفيق داشت. اژدهاي هفت‌سر مافياي 30‌ساله با ايادي رسانه‌اي، اقتصادي و سياسي به جان نظام و كشور و ملت افتاده و بيگانگان چشم اميد به هاشمي، موسوي، كروبي و خاتمي و... دوخته‌اند و آنها درصدد بحران‌آفريني پي در پي! ملت اطمينان دارد كه احمدي‌نژاد معتقد و متكي به عنايات امام عصر عجل‌الله تعالي فرجه الشريف هم‌چون چهار سال پيش توان، تدبير، هوشمندي و شجاعت مقابله با آنها را دارد و با مسؤوليت‌پذيري و خدمتگزاري بي‌مانند به رفع بسياري از موانع و مسائل ان‌شاءالله موفق خواهد بود. اما مسأله وزارت زنان در رفع اين مشكلات كدام كمك را خواهند نمود؟&lt;BR&gt;&lt;BR&gt;نتيجه:&lt;BR&gt;&lt;BR&gt;آنچه در آموزه‌هاي قرآن كريم وجود ندارد، و آنچه در سنت معصوم عليه‌السلام بي نشان است و آنچه در دولت مهدوي عجل الله تعالي فرجه الشريف نيز قابل ملاحظه نيست و آنچه نه ضرورت است و نه حلال مشكلات و آنچه كه حتي فمينيست‌ها را راضي نخواهد كرد و ولع زن‌سالارانه‌شان را كم نمي‌كند و آنچه كه دشمنان قسم‌خورده اسلام و قرآن و كشور و ملت را تسليم نخواهد كرد براساس كدام تدبير، استدلال، نگاه ديني و باور منجي‌گرايانه در تشكيل كابينه دهم سرنوشت‌ساز شده است؟‌&lt;BR&gt;&lt;BR&gt;تأكيد مي‌كنم داشتن وزير زن، نه ارزش‌گذاري به جامعه زنان است و نه امتيازي براي زن مسلمان! تنها يك ژست سياسي است كه يقيناً‌ احمدي‌نژاد بدان نيازمند نيست و توقع از او نمي‌رود. وزارت زنان شايسته‌سالاري هم نيست بلكه با آن در مغايرت است. در جامعه ما مردان شايسته، كارآمد و پرتلاش، بدون داشتن محدوديت شرعي زنان براي خدمتگزاري هم جانبه، و بدون داشتن مسؤوليت خانوادگي زنان كم نيستند. گماردن چند زن بدون بهره‌مندي از اين امتيازات و با داشتن محدوديت‌هاي شرعي و غيره، با كدام منطق پذيرفتني است ؟&lt;BR&gt;&lt;BR&gt;تجربه حضور زنان در شوراي شهر به ويژه تهران، و به خصوص سومين شوراي شهر تهران، ‌از اصلاح‌طلب گرفته تا راست و يا مستقل نشان داده است كه يا اين زنان انگيزه حركت و سخن گفتن ندارند، يا به آنچه مي‌گذرد به ديده مثبت مي‌نگرند، يا آنكه نسبت به مسؤوليت خود بي تفاوتند. آيا آزموده را آزمودن بايد؟!&lt;BR&gt;&lt;BR&gt;با وزارت زنان، براندازان، معاندان، فمينيست‌ها و غيره نه از احمدي‌نژاد راضي مي‌گردند و نه با اسلام و گفتمان انتظارگرايانه او سازگار! اما زياده‌خواهي و باج‌خواهي‌اشان بيشتر، كژراهه آينده‌شان مستندتر، و چماق سرزنش‌شان بر سر دينمداران كوبنده‌تر خواهد شد.&lt;/P&gt;
&lt;P&gt;------------------------------------------------------&lt;BR&gt;پی نوشت ۱ : بعضی موقع ها فکر می کنم ، کار فرهنگیی که هفت نسل ما نمی تواند انجام دهد ، این خانم رجبی با یک مقاله اش می کند !&lt;IMG height=18 src=&quot;http://blogfa.com/images/smileys/03.gif&quot;&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt;پی نوشت ۲ : پیوند های روزانه به روز شد ، خبرها را بخوانید ، با دقت انتخاب می شوند، ضرر نمی کنید &lt;IMG height=18 src=&quot;http://blogfa.com/images/smileys/13.gif&quot;&gt; &lt;/P&gt;</description>
<pubDate>Wed, 26 Aug 2009 05:59:39 GMT</pubDate>
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<title>چند شوهری(Polyandry) - قسمت دوم</title>
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<description>&lt;P dir=rtl&gt;&quot; در صحیح بخاری از عایشه نقل می‏ شود که:&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;در جاهلیت عرب چهار نوع زناشویی وجود داشته است. ... نوع دیگر زناشویی این بود: گروهی که عده‏شان کمتر از ده نفر می‏بود با یک زن معین رابطه برقرار می‏کردند.آن زن آبستن می‏شد و فرزندی به دنیا می‏آورد.در این وقت آن زن همه آن گروه را نزد خود دعوت می‏کرد و طبق عادت و رسم آن زمان، آن مردان نمی‏توانستند از آمدن سرپیچی کنند; همه می‏آمدند.در این هنگام آن زن هر کدام از آن مردان را که خود مایل بود به عنوان پدر برای فرزند خود انتخاب می‏کرد و آن مرد حق نداشت از قبول آن فرزند امتناع کند.به این ترتیب آن فرزند فرزند رسمی و قانونی آن مرد محسوب می‏شد.&quot; ... از اینجا معلوم می‏شود که رسم چند شوهری در جاهلیت عرب وجود داشته است.  &lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;منتسکیو در روح القوانین می‏گوید:&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&quot; ابو الظهیر الحسن، جهانگرد عرب، در قرن نهم میلادی که به هندوستان و چین رفت این رسم را (چند شوهری) مشاهده کرد و آن را دلیل بر فحشاء شمرد.» و هم او می‏نویسد:&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt; &quot;در سواحل مالابار قبیله‏ای به نام قبیله «نائیر» زندگی می‏کنند.مردان این قبیله نمی‏توانند بیش از یک زن بگیرند، در صورتی که زنهای آنها می‏توانند شوهرهای متعددی انتخاب کنند.به عقیده من علت وضع این قانون این است که مردان قبیله نائیر سلحشورترین قبایل می‏باشند ... مقرر داشته‏اند چند مرد دارای یک زن باشند تا علاقه خانوادگی آنها سست‏باشد و مانع انجام حرفه جنگی آنها نشود &quot;&lt;/P&gt;
&lt;P&gt;                                                      نظام حقوق زن در اسلام،مرتضی مطهری ,  صفحه 289-285&lt;/P&gt;
&lt;P align=center&gt;&lt;IMG style=&quot;WIDTH: 494px; HEIGHT: 380px&quot; height=379 alt=&quot;یک خانواده چند شوهره در تبت&quot; hspace=0 src=&quot;http://cache.daylife.com/imageserve/018mai1edUdpI/610x.jpg&quot; width=610 align=baseline border=0&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt; &quot; ... تبت در کوه های هیمالیا منطقه ای ست که چند شوهری در آنجا بیش از دیگر نقاط دنیا شناخته شده است. در این منطقه بسیار سرد و مرتفع زنان می توانند بیش از یک شوهر داشته باشند. البته چند زنی هم معمول است. مثلا گاهی اوقات مادر و تمام دخترانش یک شوهر دارند یا پدر و تمام پسرانش یک زن دارند. نوع بسیار متداول این نوع ازدواج ، ازدواج چند برادر با یک زن است که آن را fraternal polyandry می نامند. البته این منطقه تنها جایی نیست که اینگونه ازدواج ها صورت می گیرد . بلکه در قسمتی از برزیل ، هند ، نپال ، سریلانکا ، چین و قبایل آمریکا نیز چنین ازدواج هایی صورت می گیرد.&lt;BR&gt;در سال 1959 و 1960 دولت چین این منطقه از فلات تبت را تسخیر کرده و طبق قانون خانواده و ازدواج ، این نوع ازدواج را ممنوع اعلام کرد. که از آن پس از رواج آن بسیار کاسته شد ، ولی هم اکنون باز هم چنین ازدواج هایی در تبت وجود دارد. خصوصا که بعد از چندی دولت چین درصدد برآمد که از این موضوع برای جذب توریست استفاده کند و سخت گیری ها را به طرز محسوسی کاهش داد.&quot;(&lt;A href=&quot;http://fa.wikipedia.org/wiki/%D8%AA%D8%A8%D8%AA&quot; target=_blank&gt;منبع&lt;/A&gt;)&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&quot; ... و در آخر اين سئوال برايمان پيش آمد كه اين جا چه بلايي به سر فرزندان مي آورند و فرزندي كه از يك زن واحد بوجود مي آيد مال كدام برادر است ؟ معلوم شد كه اولاد اول به برادر بزرگتر تعلق خواهد داشت و به همين قياس فرزندان بعدي به برادران كوچكتر خواهد رسيد .بچه ها به ترتيب تعلق به برادر بزرگتر پدر و به بقيه عمو ميگويند&quot; (&lt;A href=&quot;http://happy.blogfa.com/post-42.aspx&quot; target=_blank&gt;منبع&lt;/A&gt;)&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&quot; ... تعدد زوجات در ميان مغولان به ويژه در ميان اشراف و بزرگان چادرنشين ممنوع نبود. ليكن معمولاً مردان بيش از يك زن نمي گرفتند. در مورد تعدد زوجات مي بايست اشاره كرد كه در ميان مغولان ابتدا عقد و و نكاح به مفهومي كه براي ايرانيان شناخته شده بود ، معمول نبوده و حتي چند شوهري در ميان ايشان به چشم مي خورد. بنابراين در دوره حكومت مغولان در ايران زنان از موقعيت نسبتاً بهتري برخوردار شدند. بانوان مغول حجاب نداشتند و حتي پس از گرويدن به اسلام كمتر به حجاب توجه نمودند . زنان مغول نه تنها در زماني كه رسماً فرمانروا بودند. بلكه حتي در مواقع ديگر در امور مملكت دخالت داشتند.زنان خانواده خان در ميهماني هاي رسمي و مراسم انتخاب خان شركت داشتند&quot; (&lt;A href=&quot;http://banoo.rai.ir/Site.aspx?ParTree=A0901412&amp;LnkIdn=11005&quot; target=_blank&gt;منبع&lt;/A&gt;)&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&quot; ... تلاش‌های اخیر برای &quot;غیر قانونی کردن زنا&quot; باعث ایجاد سرو صدا در اروپا شد واین قانون به مثابه شیوع قوانین مذهبی در ترکیه تلقی گردید. عده‌ای معتقدند که این قانون تلاشی برای مبارزه با چند شوهری بودن زنان است که هنوز دربرخی مناطق روستایی ترکیه رواج دارد.&quot; (&lt;A href=&quot;http://fa.wikipedia.org/wiki/%D8%AF%D9%88%D9%84%D8%AA_%D8%B3%DA%A9%D9%88%D9%84%D8%A7%D8%B1&quot; target=_blank&gt;منبع&lt;/A&gt;)&lt;/P&gt;</description>
<pubDate>Wed, 12 Aug 2009 19:29:18 GMT</pubDate>
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<title>چند شوهری(Polyandry) - قسمت اول</title>
<link>http://andishe-pooya.blogfa.com/post-76.aspx</link>
<description>&lt;P dir=rtl&gt;چندشوهری (Polyandry)  حالتی از چندهمسری است که زن به طور هم‌زمان دو شوهر یا بیشتر داشته باشد.چندشوهری بسیار کم‌تر از چندزنی معمول است. در گذشته، در نپال، مغولستان و نیز در عربستان پیش از اسلام؛ چندشوهری وجود داشته است. در چندشوهری پدر خونی فرزند مشخص نمی‌شده‌است. چندشوهری، امروزه در بین توداهای جنوب هند وجود دارد. انگلس هم در کتاب منشأ خانواده، دولت و مالکیت خصوصی به وجود مردمان فقیری در هند اشاره کرده که مردان آنها، به علت فقر شدید به تنهایی نمی‌توانند از عهدة نگهداری یک زن و افراد خانوادة خود بربیایند و از این رو با یکدیگر در یک زن شریک می‌شوند. انگلس نام این نوع ازدواج را ازدواج محفلی گذاشته است.&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;مردم &quot;نی‌بی‌نا&quot; در نپال چندزنی برادرانه دارند. در فرهنگ آنها وقتی که زنی با مردی ازدواج می‌کند، با همة برادران آن مرد هم ازدواج کرده است. یعنی همة برادران به طور مساوی حق برخورداری جنسی از آن زن را دارند. نگهداری از بچه‌ها هم به عهدة همة افراد خانواده است، هر چند که ممکن است نعلق داشتن بچه‌ای به یکی از برادران مشخص باشد و این را خانواده تشخیص بدهد. در این نوع  ازدواج ساختار خانواده مبتنی است بر تمرکز ثروت و منابع همة برادران و پدر و مادر آنها در یک خانواده است.به طور کلی، می‌توان گفت که چندزنی بیشتر در بین افراد متمکن دیده می شود و اخیرتر از چند زنی است، ولی چندشوهری بیشتر در میان جوامع ابتدایی‌تر یا افراد فقیرتر وجود دارد و از لحاظ تاریخی نیز بر چندزنی مقدم است (&lt;A href=&quot;http://www.isa.org.ir/node/1954&quot; target=_blank&gt;منبع&lt;/A&gt;)&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;&lt;IMG style=&quot;WIDTH: 509px; HEIGHT: 269px&quot; height=326 alt=&quot;دروپادی و پنج شوهرش&quot; hspace=0 src=&quot;http://upload.wikimedia.org/wikipedia/commons/e/e1/2716_PandavaDraupadifk.jpg.jpg&quot; width=628 align=baseline border=0&gt;&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;در نواحي روستايي پنجاب، تمايل به حفظ ثروت خانواده منجر به ازدواج هاي «چند شوهري» شده است.&lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt; «کولوانت کاوئر» يک مورد از آن است. به علت کمبود شديد زن، تنها يک يا دو برادر در خانواده زمين مشترک خود را به عنوان زمين يک نفر از آنها معرفي مي کنند و ازدواج مي کنند. و زنان کاسته اي پايين تر يا زناني که از مناطق فقيرتر «خريداري» شده اند، به «دراوپادي هاي» مدرن امروزي تبديل مي شوند. («دراوپادي» از کاراکترهاي اسطوره اي هند، زني که عليرغم ازدواج با يک نفر بايد با برادران وي نيز همبستر شود.) «جاسپريت» با بزرگترين برادر از 5 پسر يک خانواده ازدواج کرد. او بايد مدتي از چهار برادرشوهرش نيز مراقبت مي کرد زيرا خانواده آن قدر زمين نداشت که براي همه زن بگيرد. اين کار باعث شد وضع خانواده بهتر شده و زمين بيشتري بخرند و برادر وسطي نيز با «وينا» ازدواج کرد. اکنون اين دو زن، با همديگر امور خانه را اداره مي کنند و از سه برادرشوهر مجرد نيز مراقبت مي کنند. &lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;«سوخويندر» همسر «هاردام سينگ» است، تنها برادر متاهل از 5 برادر. از آن جايي که خانواده زمين چنداني در تملک ندارد، ساير برادرها نمي توانند راحت به خواستگاري بروند. زماني که «سوخويندر» به خانواده شوهر آمد، بايد به نيازهاي تمام اين 5 برادر پاسخ مي گفت. پسرش درآينده مالک زميني خواهد شد که اکنون در تملک مشترک 5 برادر قرار دارد. &lt;/P&gt;
&lt;P dir=rtl&gt;پس از مرگ مادر، پدر «ساويتا» با زني از بنگال ازدواج کرد. کمي بعد، او کاملا آگاه از نقشي که «ساويتا» بايد در يک خانواده داراي 3 پسر مجرد ايفا کند، «ساويتا» را شوهر داد. «ساويتا» و زناني نظير او که مورد «خريد و فروش» قرار مي گيرند و يا وادار به تحمل روابط «چندشوهري» مي شوند از گذشته دردناکي برخوردارند (&lt;A href=&quot;http://www.ebtekarnews.com/ebtekar/News.aspx?NID=19028&quot; target=_blank&gt;منبع&lt;/A&gt;)&lt;/P&gt;</description>
<pubDate>Mon, 13 Jul 2009 17:13:18 GMT</pubDate>
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